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एक नया इतिहास रचें हम
एक नया इतिहास।

डगर-डगर सब दुनियाँ चलती हम बीहड़ में पन्थ बनायें।
मंजिल चरण चूमने आये हम मंजिल के पास न जायें।
धारा के प्रतिकूल नव खे एक नया विश्वास रचें हम ॥१॥

दूर हटाकर जग के बन्धन बदलें हम जीवन की भाषा।
छिन्न-भिन्न करके बन्धन बदलें हम जीवन परिभाषा।
अंगारों में फूल खिलाकर एक नया मधुमास रचें हम ॥२॥

अम्बर हिले धरा डोले पर हम अपना पन्थ न छोड़ें।
सागर सीमा भूले पर हम अपना ध्येय न छोडें।
स्नेह प्यार की वसुन्धरा पर एक नया आकाश रचें हम ॥३॥

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